Editorial : बजट की घोषणाओं को लेकर उम्मीदें
Editorial: Expectations regarding budget announcements

Editorial : वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए लोक सभा में पेश किए जाने वाले बजट में पूंजीगत खर्चों को बढ़ाने पर गम्भीरता दिखाई जाएगी। केंद्रीय बजट एक अप्रैल से शुरू होकर अगले साल 31 मार्च को समाप्त होने वाले वित्तीय वर्ष के लिए देश की वित्तीय योजना को तय करेगा।
सरकार 2025 के बजट में नया आयकर विधेयक पेश करने की तैयारी कर रही है। वित्तीय वर्ष 2024-25 की प्रथम तिमाही में सम्पन्न हुए लोक सभा चुनाव के चलते देश में पूंजीगत खर्चों में कमी दिखाई दी है। इसीलिए अब लगातार यह मांग की जा रही है कि देश में वन नेशन वन इलेक्शन कानून को शीघ्र ही लागू किया जाना चाहिए क्योंकि बार बार देश में चुनाव होने से केंद्र एवं राज्य सरकारों द्वारा आचार संहिता के लागू होने के चलते अपने बजटीय खर्चों को रोक दिया जाता है जिससे देश का आर्थिक विकास प्रभावित होता है।
2025-26 के लिए पेश होने वाले सालाना आम बजट में देश के विद्यार्थियों, शोधार्थियों, शिक्षकों और जुड़े कर्मचारियों की भी उम्मीदें बंधी हैं। हालांकि, सरकार ने शिक्षा, रोजगार और कौशल विकास के लिए पिछले सालों में लगातार बजट बढ़ाया है। 2024 में इस क्षेत्र को 1.48 लाख करोड़ रुपए आवंटित किए गए, जिसमें से सबसे अधिक 73498 करोड़ रुपए स्कूली शिक्षा और साक्षरता विभाग को दिए गए।
लंबे समय से मिडिल क्लास इनकम टैक्स में छूट का दायरा बढऩे की उम्मीद कर रहा है। बजट 2025 में मिडिल क्लास की यह उम्मीद सरकार पूरी कर सकती है। सुझाव है कि इस बार किसान सम्मान निधि की रकम बढ़ा देनी चाहिए। बजट 2024 में इसका अनुमान लगाया गया था। 2019 में पहली बार पीएम किसान सम्मान निधि का ऐलान किया गया था। उसके बाद से इसकी रकम नहीं बढ़ाई गई है।
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बजट 2025 भारत की शिक्षा प्रणाली को सशक्त बनाने और इसे विश्व स्तरीय बनाने के लिए एक सुनहरा अवसर है। डिजिटल शिक्षा, शिक्षक प्रशिक्षण और कौशल विकास पर जोर देकर सरकार युवाओं को एक मजबूत और कुशल कार्यबल में बदल सकती है।



