CBSE Board Exams : बोर्ड परीक्षाओं के लिए जरूरी है खास रणनीति

CBSE Board Exams : आज की इस भागदौड़ भरी जिन्दगी में आपको निराश होने की आवश्यकता नहीं है। एक परीक्षा में असफल होने पर जीवन नहीं ख़त्म हो रहा है, ज़िन्दगी में आगे बहुत कुछ है।साथियों हर व्यक्ति सफल होना चाहता है और अपने भरपूर प्रयास भी करता है लेकिन जरुरी नहीं है कि सभी को सफलता मिले।
कई बार हम मेहनत तो करते हैं लेकिन सही तरीके से नहीं करते जिस कारण हमें असफलता मिलती है। कुछ लोग मेहनत करने के बाद भी असफल हो जाते हैं तो आगे प्रयास करना ही छोड़ देते हैं।कुछ बातों को आप जेहन मे रखकर थोड़ा सा मनन करें कि जीवन में असफलता को सफलता में कैसे बदला जा सकता है।जैसा कि आने वाले अगले दो महीने विद्यार्थियों के लिए परीक्षा की दृष्टि से अति महत्वपूर्ण हैं।
किसी भी परीक्षा के लिए प्लानिंग के साथ तैयारी जरूरी है। अगर प्लानिंग बेहतर होगी तो तैयारी भी अच्छी होगी जिससे अच्छी तैयारी अच्छे रिजल्ट के रूप में सामने आएगी।यह बिल्कुल आवश्यक नहीं कि दिन में 10 -12 घंटे किताब लेकर बैठा जाए। आवश्यक है कि थोड़ी देर के लिए ही सही लेकिन दृढ़ संकल्प और लगन के साथ पढाई की जाए। इस दौरान आपको कुछ अच्छे टिप्स और स्ट्रेटेजी की जरूरत होगी जिनकी मदद से आप अपनी तैयारी को बेहतर बना पाएंगे-
जल्द से जल्द शुरू कर दें तैयारी :
परीक्षा की तैयारी पहले से शुरू कर देनी चाहिए ताकि आपको हमेशा अपनी पढ़ाई को रिवाइज करने का मौका मिले।
परीक्षा से एक दिन पहले पूरे भाग की पढ़ाई नहीं की जा सकती है और इसलिए सिलेबस को रिवाइज करने के लिए
परीक्षा से कम से कम महीने पहले पूरे सिलेबस को समाप्त करने की आवश्यकता है।
असफल लोगों की सबसे बड़ी निशानी होती है कि वो अपनी गलतियों को नजरअंदाज करते हुआ अपनी असफलता का दोष हमेशा अपनी किस्मत को देते हैं।ये आदत कभी हमें सफल होने के लिए प्रेरित नहीं करती बल्कि ये हमारी कमजोरी बनती है जिससे हम मेहनत करना छोड़ देते हैं और हमे लगातार असफलता का ही सामना करना पड़ता है।बेहतर होगा आप हमेशा मेहनत और ईमानदारी से अपने काम करते जाएँ,देर से सही लेकिन सफलता जरूर मिलेगी।
स्वयं को व्यवस्थित रखें :
किसी भी परीक्षा की तैयारी करते समय हमेशा व्यवस्थित होकर उस हिस्से का एजेंडा तैयार करना चाहिए जिसे हर दिन कवर करने की जरूरत है। इसके लिए यह जानना महत्वपूर्ण है कि अपनी पढ़ाई पूरी करने के लिए आपके पास कितने दिन हैं और आपके पास रिवीजन के लिए भी पर्याप्त समय बचा है। किसी विशेष सब्जेक्ट को समाप्त करने के बाद, हमेशा एक छोटा-सा रिव्यू दें कि आपको उसमें से कितना याद है। इससे आपको यह समझने में मदद मिलेगी कि किस विशेष भाग को फिर से रिवाइज करने की आवश्यकता है।
एक रूपरेखा तैयार करें :
व्यवस्थित होने के बाद आवश्यक है कि परीक्षा की तैयारी में लगा जाए। अब जरूरत हैं कि कैसे पढ़ना है और क्या-क्या पढ़ना है इसकी एक रूपरेखा तैयार कर ली जाए। यदि एक पिक्चर या रूपरेखा हमारे सामने होगी तो हम अधिक
व्यवस्थित होकर तैयारी कर पाएंगे। ऐसा करना हमारे अंको के लिहाज से और साथ ही तैयारी के लिहाज से भी जरूरी है।
जरूरी है कॉन्सेप्ट को समझें :
जब आपने पढ़ाई में बहुत अधिक समय बिताया हो तो कॉन्सेप्ट को समझना बहुत जरुरी हो जाता है। यह जानने का
प्रयास करें कि प्रश्न या कोई खास विषय क्या कहना चाहता है। जल्दबाजी में यदि कोई टॉपिक ना समझ आए तो उस
विषय को छोड़ कर आगे नहीं बढ़ना चाहिए बल्कि उसे भी अपने शिक्षक से समझना चाहिए।इसे समय रहते ही पूर्ण कर लेना चाहिए।
सैंपल पैपर की प्रैक्टिस करें :
यदि आप सभी चैप्टर्स का रिवीजन चुके हैं तो गत वर्ष के प्रश्न पत्र व सैंपल पेपर का अध्ययन अवश्य करना चाहिए। इस जहां हम परीक्षा के पैटर्न को समझ सकेंगे वही परीक्षा को नियमित समय में पूर्ण करने का अभ्यास भी कर पाएंगे।
स्वाध्याय करते समय ब्रेक जरूर लें :
परीक्षा की तैयारी के लिए सबसे महत्वपूर्ण है आप घर पर स्वाध्याय निरंतर करते रहें। इसके साथ ही स्वाध्याय के साथ- साथ बीच में ब्रेक जरूर लें। जैसे आपको चाय,कॉफी पी सकतें हैं या आपका जो मनपसंद म्यूजिक उसे सुनें,जिससे आपका दिमाग ताजगी महसूस करेगा और आप एक बार फिर तन्मयता से स्वाध्याय में तल्लीन होकर पढाई कर सकेंगे।
परीक्षा के बाद मूल्यांकन न करें :
यदि आपको लगता है कि आपने किसी एक उत्तर के लिए गलत उत्तर लिखा है, तो घबराए नहीं और उस प्रश्न का उत्तर तो बिल्कुल ना खोजें। उस समय आप कुछ भी नहीं कर पाएंगे और ना ही अपना स्कोर बदल पाएंगे। इससे बेहतर है कि आप अगले परीक्षा के लिए ध्यान केंद्रित करें ताकि उस गलती को दोहराने से बचा जा सके।
नींद पूरी करें और सोशल साइट से दूरी बनाए विद्यार्थी को अच्छी नींद के साथ कोई समझौता नहीं करना चाहिए। हमें अच्छी नींद आवश्यक लेनी चाहिए। कितनी नींद लेनी है यह व्यक्ति पर निर्भर करता है कि वह कितना शारीरिक और मानसिक कार्य करता है और किस तरह का का भोजन करता है। एक विद्यार्थी के लिए 6 से 8 घंटो की नींद होनी चाहिए।इसके साथ -साथ विद्यार्थियों को अच्छे अंक प्राप्त करने के लिए सोशल साइट्स से भी दूर रहने की जरूरत है।
स्वामी विवेकानंद भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन की रीढ़ थे – निखिल यादव
खुद की कमजोरियां पहचानें और सुधारें :
हमारे विचारों में एक तरह की चुम्बकीय शक्ति होती है और जब हम खुद को हारा हुआ मान लेते हैं तो हम नकारात्मक विचारों की चपेट में आ जाते हैं जो हमें कभी सफलता के रास्ते पर नहीं ले जाते। ऐसे में आप हमेशा खुद की कमज़ोरियां पहचाने और खुद ही से विचार कर उनको सुधारें ताकि आपको एक आत्म बल मिलेगा और भविष्य में गलतियां होने की सम्भावना कम होगी जिसके परिणाम भी बेहतर होंगे।
जिम्मेदारी स्वीकार करें :
जब भी कभी असफल हों तो उसका जिम्मेदार किसी और को ना ठहराएं बल्कि अपनी जिम्मेदारी खुद स्वीकार करें
क्योंकि आपने जो भी किया है उसमें आपकी ही सहभागिता रही है तो उसके जिम्मेदार भी आप ही हैं ऐसे में अपनी
गलतियों पर विचार करें और उन्हें सुधारें।
खुद पर भरोसा रखें :
असफलता के दौर में जीवन में निराशा होना स्वाभाविक है लेकिन इस निराशा को अपने ऊपर हावी ना होने दें।
हमेशा खुद पर भरोसा रखें कि आप हर समस्या का हल निकाल कर सफलता जरूर पाएंगे और खुद को विश्वास दिलाएं की आप हार को जीत में बदलने की क्षमता रखते हैं इससे आपमें आत्मविश्वास बढ़ेगा और आप ज्यादा ऊर्जा से काम को अंजाम देंगे। अगर सभी विचारों के बाद आपको लगता है कि आपको आगे बढ़ना चाहिए तो आप पूरी मेहनत और निष्ठा से आगे बढ़ें आपको सफलता जरूर मिलेगी।



