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अध्यात्म

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श्रावण मास में शिवजी को करें प्रसन्न

श्रावण मास भगवान शिवजी का प्रिय मास है और शिवजी को अपने भक्तों से बहुत स्नेह रहता है। वह तो नीलकंठ हैं जोकि विष को अपने कंठ में रख लेते हैं और अमृत अन्यों को दे देते हैं, शिवजी तो मात्र एक लोटे जल से प्रसन्न हो जाने वाले भगवान हैं और यदि…

अक्षय तृतीया से सजेगा ‘लाला’ का फूल बंगला

मथुरा। उत्तर प्रदेश में कान्हानगरी मथुरा के वृंदावन में गर्मी से ठाकुरजी को निजात दिलाने के लिये 26 अप्रैल को अक्षय तृतीया के अवसर पर सप्त देवालयों में फूल बंगला बनाने की शुरूआत हो जायेगी। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार इस पावन दिवस पर विष्णु…

घर ही नहीं, घट को भी रोशन करें

- ललित गर्ग - भारत को त्यौहारों का देश माना जाता है। दीपावली सबसे अधिक प्रमुख त्यौहार है। यह त्यौहार दीपों का पर्व है। जब हम अज्ञान रूपी अंधकार को हटाकर ज्ञान रूपी प्रकाश प्रज्ज्वलित करते हैं तो हमें एक असीम और आलौकिक आनन्द का अनुभव होता…

आइए जिंदगी को सवारें

-ललित गर्ग- जिंदगी को हर कोई अनूठा रचना चाहता है एवं तरक्की के शिखर देना चाहता है। इसी भांति जिन्दगी के मायने भी सबके लिये भिन्न-भिन्न है। किसी के लिए जिन्दगी कर्म है, तो किसी के लिए रास्ता। ऐसे भी कई मिल जाएंगे, जिन्होंने इस…

बुद्ध हैं धर्मक्रांति के सूत्रधार

महापुरुषों की कीर्ति किसी एक युग तक सीमित नहीं रहती। उनका लोकहितकारी चिन्तन एवं कर्म कालजयी, सार्वभौमिक, सार्वकालिक एवं सार्वदैशिक होता है और युग-युगों तक समाज का मार्गदर्शन करता है। गौतम बुद्ध हमारे ऐसे ही एक प्रकाशस्तंभ हैं, बुद्ध…

क्या है आध्यात्मिक मेले कुंभ का महत्व ?

कुंभ मेला पृथ्वी पर लगने वाला सबसे बड़ा आध्यात्मिक मेला है। यह प्रत्येक 12 वर्ष पर आयोजित किया जाता है। इस वर्ष भी महाकुंभ पर्व मकर संक्रांति के दिन से इलाहाबाद में शुरू हो रहा है। पृथ्वी पर लगने वाला यह सबसे बड़ा मेला खगोल गणनाओं के…