उच्च शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार पर जोर है यूजीसी का

भोपाल। विश्वविद्यालय अनुदान आयाेग (यूजीसी) के अध्यक्ष प्रोफेसर डी पी सिंह ने आज कहा कि आयोग देश में उच्च शिक्षा की गुणवत्ता में और सुधार लाने पर जाेर दे रहा है और इस दिशा में केंद्र और सभी राज्यों को भी सकारात्मक रुख अपनाना चाहिए। आयोग के अध्यक्ष श्री सिंह ने यहां पत्रकारों से कहा कि यह सर्वविदित तथ्य है कि किसी भी देश की तरक्की में शिक्षा खासतौर से उच्च शिक्षा का बहुत अहम योगदान है। इसलिए इस पर ध्यान देना बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारों को भी इस दिशा में बेहतर कार्य करने के लिए बजट प्रावधान बढ़ाना चाहिए। बजट प्रावधान बढ़ाकर उच्च शिक्षा के क्षेत्र में सुधार संबंधी योजनाओं पर बेहतर ढंग से अमल हो सकता है। श्री सिंह ने बताया कि आयोग भी अपने स्तर पर विश्वविद्यालयों की गुणवत्ता बढ़ाने के प्रयास कर रहा है, ताकि उच्च शिक्षा के क्षेत्र में गुणवत्ता बेहतर बनायी जा सके। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय स्वायत्तता के साथ कार्य करते हैं। इसलिए आयोग चाहता है कि विश्वविद्यालय की स्वायत्तता भी बनी रहे और उच्च शिक्षा के क्षेत्र में गुणात्मक सुधार कार्य को भी प्राथमिकता पर लिया जाए। उच्च शिक्षा के क्षेत्र में सुधार के लिए उठाए जा रहे कदमों के बारे में विस्तार से बताते हुए श्री सिंह ने कहा कि उच्च शिक्षा प्रणाली में नामांकित छात्राें की संख्या वर्ष 2017 18 में लगभग तीन करोड़ 66 लाख थी। 18-23 वर्ष के आयु वर्ग में नामांकित छात्रों का ‘जीईआर’ अर्थात अनुपात वर्ष 2017 18 में बढ़कर 25़ 4 हो गया है। अब हमारा लक्ष्य वर्ष 2020 तक इसे बढ़ाकर 30 प्रतिशत करने का है। उन्होंने बताया कि देश में वर्तमान में लगभग 40 हजार संबद्ध या संघटक महाविद्यालय हैं। उच्च शिक्षा में शिक्षकों की संख्या लगभग तेरह लाख है। स्नातक करने वाले विद्यार्थियों की संख्या 64 लाख 19 हजार से अधिक है। इंजीनियरिंग स्नातकों की संख्या आठ लाख 73 हजार से अधिक है। श्री सिंह ने जून 2019 के आधिकारिक आकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि देश में 48 केंद्रीय विश्वविद्यालय, 400 राज्य विश्वविद्यालय, 126 मानित विश्वविद्यालय और 337 निजी विश्वविद्यालय हैं। उन्होंने दोहराया कि उच्चतर शिक्षा संस्थानों में गुणवत्ता सुधार आयोग के निर्धारित उद्देश्यों में से एक है और इस उद्देश्य में उच्चतर शिक्षा के सभी अभिन्न क्षेत्रों काे शामिल किया गया है।

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