Home slider जिलाधिकारी ने किया पोषण पखवाड़ा का शुभारंभ, बोले- पुरुष बने जिम्मेदार तभी होगा सुपोषित समाज का निर्माण

जिलाधिकारी ने किया पोषण पखवाड़ा का शुभारंभ, बोले- पुरुष बने जिम्मेदार तभी होगा सुपोषित समाज का निर्माण

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• 15 दिनों तक अलग-अलग पोषण गतिविधियों का होगा आयोजन
• जिले से लेकर सामुदायिक स्तर पर पोषण जागरूकता गतिविधियों का होगा आयोजन
छपरा: पोषण के प्रति पुरुषों को भी जिम्मेदारी लेनी चाहिए। अगर पुरुष पोषण के प्रति जिम्मेदार बनेंगे तभी सुपोषित समाज का निर्माण हो सकेगा। उक्त बातें जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन ने सारण समाहरणालय परिसर में पोषण पखवाड़ा का शुभारंभ करते हुए कही। उन्होंने कहा कि बच्चों के पोषण की जिम्मेदारी सिर्फ महिलाओं का नहीं है। इसमे पुरुषों की सहभागिता भी अति आवश्यक है। डीएम ने कहा कि होली के त्यौहार के साथ इस माह पोषण का भी त्यौहार मनेगा। इस दौरान पोषण से संबंधित जन-आन्दोलन गतिविधियों का वृहद स्तर पर आयोजन किया जाएगा। इस पखवाड़े में आयोजित होने वाले विभिन्न पोषण गतिविधियों में पुरुषों की भागीदारी सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया जाएगा। पोषण पर आम जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से पोषण पखवाड़े का आयोजन किया जा रहा है। इस मौके सारण के पुलिस अधीक्षक हरकिशोर राय ने भी पुरुषों से इस अभियान में सहभागिता निभाने की अपील की। इस मौके पर जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन, पुलिस अधीक्षक हरकिशोर राय, आईसीडीएस के डीपीओ वंदना पांडेय, डीपीआरओ ज्ञानेश्वर प्रकाश समेत अन्य कर्मी मौजूद थे।
जरुरी है पुरुषों की सहभागिता:
जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन ने बताया कि इस पोषण पखवाड़े में पोषण संबंधित गतिविधियों में पुरुषों को शामिल करने पर जोर दिया जा रहा है। इसको लेकर इस दौरान आयोजित होने वाले विशेष अन्नप्रासन, गोदभराई, पोषण मेला एवं पोषण को लेकर अन्य सामुदायिक गतिविधियों में भी पुरुषों की उपस्थिति एवं उनकी भागीदारी पर बल दिया जाएगा। महिलाओं के साथ पुरुषों की भागीदारी से पोषण में सुधार संभव है। आहार में विविधता से बेहतर पोषण मिलता है। यदि पुरुष इसके प्रति गंभीर हो जाएं तब उनके परिवारों से कुपोषण का आसानी से सफाया हो सकेगा।
 पोषण के पांच सूत्रों से कुपोषण पर लगेगा लगाम:
आइसडीएस  के डीपीओ वंदना पांडेय ने बताया कि 8 से 22 मार्च तक यह अभियान चलेगा। पोषण पखवाड़ा को सफल बनाने के लिए पांच सूत्र तैयार किया गया है। जिसमें पोषण त्योहार से व्यवहार परिवर्तन के लिए पोषण के पाँच सूत्र दिये गए हैं। जिसमें जीवन के पहले 1000 सुनहरे दिन, पौष्टिक आहार, अनीमिया प्रबंधन, डायरिया रोकथाम एवं स्वच्छता को शामिल किया गया है। पखवाड़े के दौरान पोषण के पाँच सूत्रों पर विशेष जन-जागरूकता बढाई जाएगी।
विभिन्न विभागों की होगी सहभागिता:
पोषण पखवाड़े को सफल बनाने के लिए विभिन्न विभाग मिलकर सहयोग मिल रहा है।  जिसमें समाज कल्याण विभाग के साथ स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग, पंचायती राज, ग्रामीण विकास, पीएचइडी एवं खाद्य सुरक्षा विभाग शामिल होंगे। पखवाड़े में होने वाले गतिविधियों एवं विशेषकर 6 माह से 2 वर्ष तक के बच्चों को घर में पका खाना खिलाने, भोजन में विविधिता सहित पोषण के महत्व पर विस्तार से चर्चा होगी।
इन प्रमुख गतिविधियों का होगा आयोजन:
• पोषण मेला
• विशेष अन्नप्राशन दिवस
• जिला स्तरीय पोषण सेमिनार
• जिला स्तरीय अभिसरण बैठक
• पोषण रैली/ प्रभात फेरी
• होली मिलन सह गृह भ्रमण
• ऊपरी आहार अभ्यास दिवस
• हैण्ड वाशिंग ( साबुन से हाथ धुलने का अभ्यास)
• माता समूह सह किसान बैठक
• प्रखंड/ पंचायत स्तरीय स्वच्छता गतिविधि
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